ये हैं लाला के गुलाम ,सुबह -सुबह हो गए तैयार ,
जूता -मोजा सूट -बूट ले के तेल चले चले दरबार ,
सही -गलत ,गलत -सही लाला की बात हाँ जी हाँ ,
आधी रोटी आधा पेट कभी न होते साहब लेट ,
ये हैं लाला के गुलाम ,सुबह -सुबह हो गए तैयार।
सपने हुये पराये ,वजूद हुये अँधेरे के साये ,
दिन -रात सुबह -शाम कोल्लू के बैल गए बनाये ,
रोटी -कपडा ,मकान के चक्कर में जीवन हुआ बेकार ,
ये हैं लाला के गुलाम ,सुबह -सुबह हो गए तैयार।
पापा के दुलार के बदले खाते लाला की फटकार ,
कर लो तुम कितना भी काम अगले दिन सब बेकार ,
समझ न पाये लाला तुम जीवन के अब सार ,
ये हैं लाला के गुलाम ,सुबह -सुबह हो गए तैयार।
जूता -मोजा सूट -बूट ले के तेल चले चले दरबार ,
सही -गलत ,गलत -सही लाला की बात हाँ जी हाँ ,
आधी रोटी आधा पेट कभी न होते साहब लेट ,
ये हैं लाला के गुलाम ,सुबह -सुबह हो गए तैयार।
सपने हुये पराये ,वजूद हुये अँधेरे के साये ,
दिन -रात सुबह -शाम कोल्लू के बैल गए बनाये ,
रोटी -कपडा ,मकान के चक्कर में जीवन हुआ बेकार ,
ये हैं लाला के गुलाम ,सुबह -सुबह हो गए तैयार।
पापा के दुलार के बदले खाते लाला की फटकार ,
कर लो तुम कितना भी काम अगले दिन सब बेकार ,
समझ न पाये लाला तुम जीवन के अब सार ,
ये हैं लाला के गुलाम ,सुबह -सुबह हो गए तैयार।
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